इक्कीसवीं सदी ज़माना संगणक और चल दुरभाषा का हैं
जिसमें समकालीन दृष्टिकोन चीजों के अंतराजाल का हैं
चाहत घरेलु उपकरणों से लेकर सभी कारखानों तक सबको एकीकृत और स्वयंचलित करने की है
पर सवाल जटिलता ,गोपनीयता,सुरक्षा और चीजों की विभिन्नता का है
खबर नही कैसे चीजों को अंतराजाल पे लाना हैं
पर 2020 तक 30 अरब वस्तुओं का समावेश इसमें यकीनन होना है
सबसे उन्नत संचार तक्निकों का शोषण करना हैं
डेटा प्राप्त करके चीजों से चीजों का संवाद कराना है
एम् २ एम् जैसी मानकों का इस्तेमाल करना है
चीजों के अंतराजाल सेवाओं को वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाना हैं
चाहत घरेलु उपकरणों से लेकर सभी कारखानों तक सबको एकीकृत और स्वयंचलित करने की है
पर सवाल जटिलता ,गोपनीयता,सुरक्षा और चीजों की विभिन्नता का है
खबर नही कैसे चीजों को अंतराजाल पे लाना हैं
पर 2020 तक 30 अरब वस्तुओं का समावेश इसमें यकीनन होना है
सबसे उन्नत संचार तक्निकों का शोषण करना हैं
डेटा प्राप्त करके चीजों से चीजों का संवाद कराना है
एम् २ एम् जैसी मानकों का इस्तेमाल करना है
चीजों के अंतराजाल सेवाओं को वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाना हैं

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